सोमवार, जुलाई 17, 2017
CHALO BULWA AYA HAI
दोहा: माता जिनको याद करे, वो लोग निराले होते हैं।
माता जिनका नाम पुकारे, किस्मत वाले होतें हैं।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
ऊँचे पर्वत पर रानी माँ ने दरबार लगाया है।
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सारे जग मे एक ठिकाना, सारे गम के मारो का,
रास्ता देख रही है माता, अपने आंख के तारों का।
मस्त हवाओं का एक झोखा यह संदेशा लाया है।
चलते जाओ तुम मत देखो अपने पीछे वालों को।
जिस ने जितना दर्द सहा है, उतना चैन भी पाया है।
वैष्णो देवी के मन्दिर मे, लोग मुरादे पाते हैं,
रोते रोते आते है, हस्ते हस्ते जाते हैं।
मैं भी मांग के देखूं, जिस ने जो माँगा वो पाया है।
माँ ही माँ को पहचाने।
बेटे का दुःख क्या होता है और कोई यह क्या जाने।
उस का खून मे देखूं कैसे, जिसको दूध पिलाया है।
प्रेम से बोलो, जय माता दी
ओ सारे बोलो, जय माता दी
वैष्णो रानी, जय माता दी
अम्बे कल्याणी, जय माता दी
माँ भोली भाली, जय माता दी
माँ शेरों वाली, जय माता दी
झोली भर देती, जय माता दी
संकट हर लेती, जय माता दी
ओ जय माता दी, जय माता दी ||
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दोहा: माता जिनको याद करे, वो लोग निराले होते हैं। माता जिनका नाम पुकारे, किस्मत वाले होतें हैं। चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है। ...